Posts

वृक्षाबंधन

Image
  वृक्षबन्धन ! इसे पेड़ों के रक्षा बंधन के रूप में भी जाना जाता है, यह भारत में आमतौर पर अगस्त में मनाया जाने वाला एक अनोखा त्योहार है।  वृक्षबंधन के दौरान, लोग पेड़ों के तनों के चारों ओर पवित्र धागे (राखी) बांधते हैं, जो मनुष्य और प्रकृति के बीच संबंध का प्रतीक है। पर्यावरण के साथ सामंजस्य को बढ़ावा देने की यह एक खूबसूरत पहल है! आज  विद्यालय प्रांगण में विद्यार्थियों ने पेड़ों को रखी बाँधकर यह उत्सव मनाया और पेड़ों की रक्षा करने का प्रण भी लिया। वृक्षबंधन मनाने के पीछे का उद्देश्य है: 1. वृक्ष संरक्षण को बढ़ावा दें:- लोगों को पेड़ लगाने और उनकी रक्षा करने के लिए प्रोत्साहित करें। 2. पर्यावरण जागरूकता बढ़ाएँ:- पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डालें। 3. जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दें: व्यक्तियों को पेड़ों की देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करें जैसे वे अपने भाई-बहनों की देखभाल करते हैं।

आज़ादी का जश्न

Image
आजादी का जश्न मनाएं, स्वतंत्रता की भावना को अपनाएं! आपको और आपके परिवार को ७८वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!आज के दिन हमारे देश ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी, और तब से इस दिन को हम स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। मेरे भारत की महिमा तो,सभी देवों ने मानी है, तभी तो जन्म लेने की, इसी भूमि पर ठानी है। यहां श्री राम की मर्यादा , महाभारत की कहानी है, तो आयें साथ मिलकर सब, हमें संस्कृति बढ़ानी है। महात्मा बुद्ध से त्यागी, महावीर से ज्ञानी है, यशोधरा का विरह है तो,पन्ना की कुर्बानी है। करु वर्णन मैं भारत का तो कम लगती कई सदियां, यहां पुरुषों में नारायण,नारी में भवानी है।।

हिन्दी पठन- कौशल

Image
 हिन्दी में पढ़ने की क्षमता एक महत्वपूर्ण कौशल है, जो व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त करने, समझने और विचारों को व्यक्त करने में मदद करती है। इस क्षमता को बेहतर बनाने के लिए नियमित अभ्यास और शब्द ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रयास करना आवश्यक है। पढ़ने की क्षमता के घटक: शब्द ज्ञान: शब्दों के अर्थ और प्रयोग की समझ। वाक्य रचना: वाक्यों की रचना और समझ। पाठ समझना: पाठ की मुख्य बातों और विचारों को समझना।

भाषण प्रतियोगिता

Image
आज १८/०७/२०२४ को कक्षा आठवीं में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ । भाषण का विषय था - वर्ष 2024 को अंतर्राष्ट्रीय कैमलिड्स वर्ष घोषित करने के पीछे संयुक्त राष्ट्र महासभा का उद्देश्य। इसके पीछे उनका उद्देश्य यह था- पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा, जैव विविधता को संरक्षित करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने में ऊंटों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जनता और नीति निर्माताओं की जागरूकता बढ़ाना ऊँटों की अप्रयुक्त क्षमता के बारे में जागरूकता पैदा करना ऊँटों के आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ाना।  विद्यार्थी स्वयं भी इस विषय पर जागरूक हुए । विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में बढ़ - चढ़कर भाग लिया।